B.R.C. - BIO-INPUT RESOURCE CENTRE - 3
3.निमास्त्र:-
सामग्री:-
200 लीटर का बेरल(प्लास्टिक)
200 लीटर पानी
10 kg नीम की पट्टी
10 लीटर गौमूत्र(देशी गाय का)
2 kg गोबर(देशी गाय का)
बनाने की पद्धति:–
जो बैरल लिया है। उस बैरल में 180 लीटर पानी भरीये उसके बाद उसमें 10 kg नीम की पत्ती का पेस्ट लिया है उसको इस बैरल में डाल दीजिए और अच्छी तरह से मिक्स करें उसके बाद उसमें गोबर और गौमूत्र डाल दीजिए।
बन जाने का समय:–
इस द्रावण को 48 घंटे तक छांव में ढक कर रखें और सुबह शाम घड़ी की सुई की दिशा में 5 मिनट तक मिलाइए।ये द्रावन 48 घंटे में तैयार हो जाता है।
उपयोग करने की पद्धति:–
निमास्त्र को 15 लीटर के पंप में मात्र निमास्त्र भरना है बिना पानी ऐड किए छिड़काव करना है।
बचत (self लाइफ) :–
निमास्त्र 6 महीने तक उपयोग में ले सकते हैं।
फायदे:–
निमास्त्र का स्प्रे करने से चूसीया प्रकारकी किट और छोटी इयल का उपद्रव को कम करता है।
4.अग्निअस्त्र:-
सामग्री:-
20 लीटर गौमूत्र(देशी गाय का)
2 kg नीम की पट्टी(पेस्ट बनानी है)
500 gm तीखे मिर्च(पेस्ट बनानी है)
500 gm तम्बाकू पाउडर
500 gm अदरक(पेस्ट बनानी है)
250 gm देशी लेसून(पेस्ट बनानी है)
बनाने की पद्धति:–
जो 20 लीटर गोमूत्र लिया है उसमें 2 kg नीम की पेस्ट डाल देंगे| इसी तरह बारी–बारी से मिर्च की पेस्ट,तंबाकू पाउडर,अदरक की पेस्ट और देशी लेसुन की पेस्ट को डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर दीजिए। इसके बाद इस द्रावन को गेस पर गर्म करने के लिए रखे। इस द्रावन को तब तक गर्म करना है जब तक ये द्रावन के एक से दो उबरे ना जाए। इसके बाद इसको ठंडा करके एक पात्रमें डाल लेना है। उसके बाद 2 दिन तक सुबह–शाम 5 मिनट के लिए घड़ी की सुई की दिशा में इसको हीलाना है। अग्निअस्त्र 2 दिन में तैयार हो जाता है।
उपयोग करने की पद्धति:–
इस अग्निअस्त्र को कपड़े से छान लेना है। अग्नि अस्त्र को 200 लीटर के बैरल में 8 लीटर अग्निअस्त्र डालना है फिर इसे फसल पर हम स्प्रे कर सकते हैं। एक पंप में (15 लीटर) हम 600 ml डाल कर स्प्रे कर सकते है।
बचत (सेल्फ लाइफ) :–
अग्निअस्त्र 3 महीने तक उपयोग में ले सकते हैं।
फायदे:–
अग्निअस्त्र का स्प्रे करने से सभी प्रकार की इयल का उपद्रव को कम करता है।
5.ब्रह्मास्त्र:-
सामग्री:-
20 लीटर गौमूत्र(देशी गाय का)
2 kg नीम की पट्टी(पेस्ट बनानी है)
2 kg करंज की पट्टी(पेस्ट बनानी है)
2 kg एरंडी की पट्टी(पेस्ट बनानी है)
2 kg धतुरा की पट्टी(पेस्ट बनानी है)
2 kg सीताफल की पट्टी(पेस्ट बनानी है)
2 kg पपीता की पट्टी(पेस्ट बनानी है)
इसमें से कोई भी पांच पट्टी लेनी है।
बनाने की पद्धति:–
जो 20 लीटर गोमूत्र लिया है उसमें 2 kg नीम की पेस्ट डाल देंगे। इसी तरह बारी-बारी से हम एरंडी, धतूरा, आंक की पत्ती को हम डालेंगे और अच्छी तरह से मिक्स कर देंगे। इसके बाद इस द्रावन को गेस पर गर्म करने के लिए रखे। इस द्रावन को तब तक गर्म करना है जब तक ये द्रावन के एक से दो उबरे ना जाए। इसके बाद इसको ठंडा करके एक पात्रमें डाल लेना है। उसके बाद 2 दिन तक सुबह–शाम 5 मिनट के लिए घड़ी की सुई की दिशा में इसको हीलाना है। ब्रह्मास्त्र 2 दिन में तैयार हो जाता है।
उपयोग करने की पद्धति:–
इस ब्रह्मास्त्र को कपड़े से छान लेना है। अग्नि अस्त्र को 200 लीटर के बैरल में 8 लीटर अग्निअस्त्र डालना है फिर इसे फसल पर हम स्प्रे कर सकते हैं। एक पंप में (15 लीटर) हम 600 ml डाल कर स्प्रे कर सकते है।
बचत (सेल्फ लाइफ) :–
ब्रह्मास्त्र 6 महीने तक उपयोग में ले सकते हैं।
फायदे:–
ब्रह्मास्त्र का स्प्रे करने से बड़ी इल और चूसिया प्रकार की किट को उपद्रव को कम करता है।